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ई-अवसंरचना

प्रस्‍तावना

इंटरनेट के साथ सूचना और संचार प्रौद्योगिकी (आईसीटी) भारी मात्रा में ज्ञान और सूचना को आपस में साझा करना संभव बना रहे हैं और  चहुं ओर सामाजिक आर्थिक परिवर्तन और वृद्धि देखने को मिल रही है। सूचना और ज्ञज्ञन समाज के लिए ई-अवसंरचना एक प्रमुख समर्थकारी घटक है। ई-अवसंरचना में ऐसे टूल, सुविधाएं और संसाधन शामिल हैं, जो उन्‍नत सहयोग के लिए आवश्‍यक हैं और इनमें विभिन्‍न प्रौद्योगिकियों जैसे इंटरनेट ब्रॉडबैंड चैनल, कंप्‍युटिंग पावर, बैंडविड्थ प्रावधान, डेटा स्‍टोरेज, ग्रिट आधारित संसाधनों को साझा करना शामिल हैं। सूचना और संचार प्रौद्योगिकियों (आईसीटी) की वृद्धि को बनाए रखने और वैश्‍वीकरण के परिणामस्‍वरूप अत्‍यधिक प्रतिस्‍पर्धी बाजारों की चुनौतियों को पूरा करने के लिए गुणवत्‍ता युक्‍त अवसंरचना में निवेश, अनुसंधान और विकास प्रयासों को बढ़ावा देने, संचार, इंटरनेट और ब्रॉडबैंड प्रौद्योगिकियों के क्षेत्र में बौद्धिक संपदा सृजित करने और संबंधित नीतिगत मुद्दों का निरंतर समाधान करने की आवश्‍यकता है।

अवसंरचना के क्षेत्र में डीईआईटीवाई द्वारा किए गए प्रयास निम्‍नानुसार हैं:

1. सार्वभौमिक इलेक्ट्रॉनिक पहुंच पर राष्ट्रीय नीति [PDF]88.89 KB

भारत का संविधान न्‍याय, गुणवत्‍ता, स्‍वतंत्रता और संप्रभुता सुनिश्चित करता है, व्‍यक्ति विशेष के सम्‍मान और अन्‍यथा सक्षम व्‍‍यक्तियों सहित अपने सभी नागरिकों की स्थिति की गुणवत्‍ता और अवसरों का आश्‍वासन देता है। इलेक्‍ट्रॉनिक युग में इलेक्‍ट्रॉनिकी और आईसीटी उत्‍पादों, सेवाओं का इस्‍तेमाल जीवन के सभी क्षेत्रों जैसे शिक्षा, स्‍वास्‍थ्‍य, रोजगार, मनोरंजन, बैंकिंग आदि में किया जाता है। इलेक्‍ट्रॉनिकी और आईसीटी अन्‍यथा सक्षम लोगों के समक्ष बाधाओं को दूर करने के साथ-साथ दिन-प्रतिदिन के जीवन में स्‍वतंत्र रूप से भाग लेने में उनकी सहायता कर सकती हैं। यह सुनिश्चित करना अपरिहार्य है कि इलेक्‍ट्रॉनिकी और आईसीटी अन्‍यथा सक्षम लोगों की भी पहुंच में हों ताकि उन्‍हें भी समान अवसर मिल सकें। इस बात को ध्‍यान में रखते हुए इलेक्‍ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा सभी पणधारकों से इनपुट प्राप्‍त करने के बाद सार्वभौमिक इलेक्‍ट्रॉनिक पहुंच पर एक राष्‍ट्रीय नीति तैयार की गई। मंत्रिमंडल द्वारा यह नीति 03 अक्‍टूबर 2013 को अनुमोदित की गई और 25 अक्‍टूबर 2013 को इसे अधिसूचित किया गया।.

इस नीति में विकलांगता के आधार पर भेदभाव दूर करने और इलेक्‍ट्रॉनिकी और आईसीटी की समान पहुंच सुकर बनाने की आवश्‍यकता को मान्‍यता दी गई। इस राष्‍ट्रीय नीति में अन्‍यथा सक्षम लोगों की विविधता को भी पर्याप्‍त महत्‍व दिया गया है और इसमें उनकी विशिष्‍ट आवश्‍यकताओं के लिए प्रावधान किया गया है। नीति में इलेक्‍ट्रॉनिकी और आईसीटी के क्षेत्र में पहुंच संबंधी आवश्‍यकताओं को शामिल किया गया है। इसमें यह सुनिश्चित करने की आवश्‍यकता को स्‍वीकार किया गया है कि पहुंच संबंधी मानकों और दिशानिर्देशों तथा सार्वभौमिक डिजाइन संकल्‍पनाओं को अपनाया जाए और उनका अनुपालन सुनिश्चित किया जाए।

2. सूचना प्रौद्योगिकी निवेश क्षेत्र (आईटीआईआर)

  • सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी)/सूचना प्रौद्योगिकी समर्थ सेवाओं (आईटीईएस)/इलेक्‍ट्रॉनिकी हार्डवेयर विनिर्माण (ईएचएम) युनिटों में निवेश को बढ़ावा देने के लिए भारत सरकार ने मई 2008 में सूचना प्रौद्योगिकी निवेश क्षेत्र (आईटीआईआर) पर एक नीति अधिसूचित की है। इस नीति के अनुसार आईटीआईआर एक अंतनिर्हित एकीकृत टाउनशिप के रूप में होंगे, जो आईटी/आईटीईएस/ईएचएम उद्योग की तेजी से वृद्धि सुनिश्चित करेंगे। आईटीआईआर के लिए कम-से-कम 40 वर्गकिलोमीटर क्षेत्रफल का सीमांकन किया जाना चाहिए। कुल सीमांकित क्षेत्र के 40% को संसाधन जोन और शेष क्षेत्र को गैर संसाधन जोन के रूप में सीमांकित किया जाना चाहिए। संसाधन जोन में सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी)/सूचना प्रौद्योगिकी समर्थ सेवाओं (आईटीईएस)/इलेक्‍ट्रॉनिकी हार्डवेयर विनिर्माण (ईएचएम) युनिटों के साथ-साथ संबद्ध सभातंत्र, अन्‍य सेवाएं और आवश्‍यक अवसंरचना निहित होंगी। गैर संसाधन क्षेत्र में आवासीय, वाणिज्यिक और अन्‍य सामाजिक और संस्‍थागत अवसंरचना शामिल होंगी।   
  • आईटीआईआर के लिए इलेक्‍ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिी विभाग (डीईआईटीवाई) भारत सरकार का नोडल विभाग है। मंत्रिमंडल सचिव की अध्‍यक्षता में भारत सरकार द्वारा गठित उच्‍च अधिकार प्राप्‍त समिति (एचपीसी) नए आईटीआईआर की स्‍थापना के लिए आवेदनों की जांच करेगी और तत्‍पश्‍चात कार्यान्‍वयन की प्रगति की निगरानी और उसमें तेजी लाने के लिए प्रयास करेगी।  प्रत्‍येक आईटीआईआर के लिए राज्‍य सरकार द्वारा गठित प्रबंधन बोर्ड को राज्‍य स्‍तर पर अनुमोदन जारी करने और कार्य में तेजी लाने के लिए आवश्‍यक अधिकार दिए जाएंगे। बोर्ड में आईटीआईआर युनिटों के विकासकर्ताओं अथवा सह विकासकर्ताओं की प्रतिभागिता के साथ पर्याप्‍त स्‍वायत्‍ता वाले किसी निगमित निकाय को भी एसपीवी के रूप में शामिल किया जा सकता है।
  • राज्‍य सरकार आईटीआईआर की स्‍थापना में अग्रणी भूमिका अदा करेगी। यह एक उपयुक्‍त स्‍थल (प्राथमिक रूप से गैर  कृषि भूमि) की पहचान करेगी, प्रस्‍ताव तैयार करेगी और विहित प्रक्रिया के अनुसार अनुमोदन प्राप्‍त करेगी। जहां कहीं भी कोई मौजूदा विधान है, समन्वित विकास सुनिश्चित करने के लिए उचित आयोजना और जोनिंग के प्रयोजन से राज्‍य सरकार संगत अधिनियम के अंतर्गत आईटीआईआर क्षेत्र को अधिसूचित करेगी।  जहां कहीं आवश्‍यक होगा, राज्य सरकार एक कानून अधिनियमित करेगी, जो अन्‍य बातों के साथ-साथ आईटीआईआर के प्रबंधन बोर्ड द्वारा सभी स्‍वीकृतियां/अनुमतियां प्राप्‍त करने में सहायक होगा।
  • भारत सरकार आईटीआईआर के लिए बाह्य भौतिक अवसंरचना संपर्कों की उपलब्‍धता समयबद्ध आधार पर सुनिश्चित करेगी, जिसमें सड़क (राष्‍ट्रीय राजमार्ग) एयरपोर्ट, दूरसंचार और रेल शामिल है। यह अवसरंचना यथा व्‍यवहार्य सीमा तक सार्वजनिक निजी भागीदारी के जरिए सृजित/उन्‍नत की जाएगी। केंद्र सरकार मौजूदा योजनाओं के जरिए आवश्‍यक व्‍यवहार्यता निधियन अंतराल को पूरा करेगी।  
  • कर्नाटक सरकार और आंध्र प्रदेश सरकार से प्राप्‍त प्रस्‍तावों के आधार पर डीईआईटीवाई ने आर्थिक कार्यों पर मंत्रिमंडल समिति (सीसीईए) का अनुमोदन प्राप्‍त करने के पश्‍चात दिनांक 26.06.2013 और 13.11.2013 को क्रमश: बंगलौर और हैदराबाद के निकट आईटीआर की स्‍थापना को अधिसूचित किया था  :
  • बंगलौर में आईटीआईआर : आईटीआईआर की स्‍थापना 42.51 वर्ग कि.मी. (लगभग 10, 500 एकड़) के क्षेत्र में की जाएगी जो बेंगलुरू से 44 कि.मी. और बेंगलुरू  अंतर्राष्‍ट्रीय एयरपोर्ट के उत्‍तर में 14 कि.मी. दूर अवस्‍थित है । इसका विकास दो चरणों में किया जाएगा। आईटीआईआर में कुल 1,06,000 करोड़ रूपए का अनुमानित निवेश किया जाना है।  प्रमुख निवेश सार्वजनिक निजी भागीदारी के द्वारा किया जाएगा। भारत सरकार ने प्रस्‍तावित आईटीआईआर के लिए बाह्य संपर्क अर्थात राष्‍ट्रीय राजमार्ग के चौड़ीकरण और बंगलौर अंतर्राष्‍ट्रीय हवाई अड्डा से प्रस्‍तावित आईटीआईआर तक मेट्रो रेल के विस्‍तार के लिए अनुमानत: 7010 करोड़ रूपए की सहायता प्रदान की है। प्रस्‍तावित आईटीआईआर परियोजना से उस क्षेत्र में लगभग 1.2 मि‍लियन प्रत्‍यक्ष और 2.8 मिलियन अप्रत्‍यक्ष रोजगार सृजित होंगे।
  • हैदराबाद में आईटीआईआर:  हैदराबाद के निकट आईटीआईआर तीन महानगरीय क्षेत्रों  अर्थात  (i) हैदराबाद विकास क्षेत्र, (ii) दक्षिणी हैदराबाद विमानपत्‍तन विकास क्षेत्र और महेश्‍वरम और (iii) पूर्वी हैदराबाद में उप्‍पल और पोचरम के 202 वर्ग किलोमीटर  क्षेत्र  में  स्‍थापित किया जाएगा। इसका विकास दो चरणों में किया जाएगा। आईटीआईआर, हैदराबाद में लगभग 2,19,440 करोड़ रूपए का अनुमानित निवेश किया जाएगा, जिसमें से आईटी/आईटीईएस क्षेत्र की हिस्‍सेदारी 1,18,335 करोड़ और ईएचएम क्षेत्र की हिस्‍सेदारी 1,01,085 करोड़ रूपए है। हैदराबाद में आईटीआईआर से लगभग 14.08 लाख प्रत्‍यक्ष रोजगार और 55.09 लाख अप्रत्‍यक्ष रोजगार सृजित होने की आशंका है। अवसंरचना सृजन के लिए अधिकांश निवेश सार्वजनिक निजी भागीदारी से किया जाएगा। भारत सरकार ने आईटीआईआर में मौजूदा संपर्क अवसंरचना को उन्‍नत करने/नई अवसंरचना का सृजन करने अर्थात (i) रेडियल रोड को उन्‍नत बनाना (ii)3,275 करोड़ रूपए की अनुमानित लागत से फलकनुमा से  समसाबाद अंतर्राष्‍ट्रीय हवाई अड्डा तक एमएमटीएस और मेट्रो रेल का विस्‍तार के लिए सहायता अनुमोदित की है ।

ई-अवसंरचना प्रभाग द्वारा वित्‍तपोषित अनुसंधान और विकास परियोजनाएं निम्‍नानुसार हैं:

ई-अवसरंचना के विकास को बढ़ावा देने और ई-अवसंरचना के उभरते हुए क्षेत्रों में अनुसंधान और विकास के संवर्धन हेतु इस प्रभाग ने विभिन्‍न अनुसंधान और विकास संस्‍थानों तथा संगठनों की परियोजनाओं को वित्‍तीय सहायता प्रदान की है। वित्‍तीय सहायता प्राप्‍त अनुसंधान और विकास परियोजनाओं की सूची नीचे दी गई है.

अधिक जानकारी के लिए कृपया संपर्क करें

  • श्री संजीव मित्तल
    संयुक्‍त सचिव और समूह सहसंयोजक
    ई-अवसंरचना
    संचार और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय
    इलेक्‍ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी विभाग
    इलेक्‍ट्रॉनिक्‍स निकेतन
    6 सीजीओ कॉम्‍प्‍लेक्‍स
    लोधी रोड, नई दिल्‍ली - 110 003
    ईमेल:sanjiv[dot]mittal87[at]nic[dot]in
    दूरभाष: +91-11-24363075
    फैक्‍स: +91-11-24363099
  • श्री दीपक सिंह
    वैज्ञानिक एफ और विभाग प्रमुख, ई-लर्निंग अनुभाग
    ई-अवसंरचना/ई-लर्निंग समूह
    संचार और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय
    इलेक्‍ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी विभाग
    इलेक्‍ट्रॉनिक्‍स निकेतन
    6 सीजीओ कॉम्‍प्‍लेक्‍स
    लोधी रोड, नई दिल्‍ली - 110 003
    ईमेल:dipak[dot]singh[at]deity[dot]gov[dot]in
    दूरभाष:+91-11-24364565, 24301270
    फैक्‍स:+91-11-24362924
  • श्रीमति मीनाक्षी अग्रवाल
    वैज्ञानिक सी , ई-अवसंरचना समूह
    संचार और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय
    इलेक्‍ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी विभाग
    इलेक्‍ट्रॉनिक्‍स निकेतन
    6 सीजीओ कॉम्‍प्‍लेक्‍स
    लोधी रोड, नई दिल्‍ली - 110 003
    ईमेल:meenakshi[dot]agarwal[at]deity[dot]gov[dot]in 
    दूरभाष:+91-11-24301573